Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट में सांसदों और विधायकों से जुड़े लंबित आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर चल रही सुनवाई में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि वर्तमान में राज्य में एमपी-एमएलए से जुड़े 10 मामले लंबित हैं।
हाईकोर्ट ने जताई चिंता, जल्द निष्पादन का दिया निर्देश
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ में हुई। अदालत ने सीबीआई को लंबित मामलों का जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल में देरी से गवाहों की गवाही प्रभावित होती है और न्याय प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है।
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून 2026 निर्धारित की है और जांच एजेंसी से प्रगति सुनिश्चित करने को कहा है।
ट्रायल में देरी पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कई मामलों में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद भी आरोप तय करने में वर्षों लग जाते हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया लंबी खिंचती है। पूर्व में भी कोर्ट ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा था कि गवाहों की पेशी और ट्रायल में तेजी लाने की जरूरत है।
गौरतलब है कि इससे पहले राज्य सरकार ने बताया था कि कुछ मामलों को सीबीआई को ट्रांसफर किया गया है, जबकि अन्य मामले अभी भी विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। अब कोर्ट ने सभी मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया है।