Jharkhand News: झारखंड की हेमंत सरकार ने जेपी आंदोलन के सेनानियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सम्मान पेंशन और अन्य सुविधाओं के मद में करीब 38.97 लाख रुपये जारी कर दिए हैं. गृह और आपदा प्रबंधन विभाग ने इस राशि के इस्तेमाल की हरी झंडी दे दी है, जिससे राज्य भर के सैकड़ों बुजुर्ग आंदोलनकारियों को अब आर्थिक मदद मिलने का रास्ता साफ हो गया है.
इन जिलों को मिला सबसे ज्यादा बजट
सरकार की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने सभी जिलों के डीसी को इस संबंध में सख्त निर्देश भेज दिए हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार सबसे ज्यादा फंड देवघर (5.25 लाख) और गोड्डा (4.65 लाख) को मिला है. राजधानी रांची के लिए 3.61 लाख और हजारीबाग के लिए 2.85 लाख रुपये तय किए गए हैं. वहीं, सरायकेला और जमशेदपुर जैसे जिलों के लिए भी सम्मान राशि का आवंटन कर दिया गया है ताकि किसी भी सेनानी की पेंशन में देरी न हो.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेंशन के साथ-साथ मिलने वाली अन्य सुविधाओं में भी कोई कटौती नहीं की जाएगी. प्रशासन अब युद्ध स्तर पर काम कर रहा है ताकि आवंटित की गई यह "सम्मान राशि" बिना किसी कागजी रुकावट के सीधे हकदारों तक पहुंच सके.
जिलेवार आवंटन पर एक नजर
बजट का बंटवारा जिलों में सेनानियों की संख्या के आधार पर किया गया है. बोकारो को 2.50 लाख, धनबाद को 1.95 लाख और दुमका को 1.77 लाख रुपये दिए गए हैं. वहीं चतरा, गिरिडीह, पलामू और कोडरमा जैसे जिलों के लिए भी लाखों रुपये का प्रावधान किया गया है. छोटी राशि वाले जिलों जैसे पाकुड़ (15 हजार) और लातेहार (30 हजार) में भी भुगतान की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा गया है, ताकि हर एक आंदोलनकारी को समय पर उनका हक मिल सके.