Jharkhand: झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी और खूंटी के पूर्व एसडीएम सैयद रियाज अहमद को लंबे समय से चल रहे विवादित मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले को निरस्त करते हुए प्राथमिकी रद्द करने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।
आईआईटी छात्रा ने लगाए थे गंभीर आरोप
यह मामला वर्ष 2022 का है, जब आईआईटी की एक छात्रा ने तत्कालीन एसडीएम सैयद रियाज अहमद पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत में कहा गया था कि 1 जुलाई 2022 की रात उनके सरकारी आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार किया गया और यौन उत्पीड़न की कोशिश की गई।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर खूंटी महिला थाना में मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण ने उस समय प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा बटोरी थी।
गिरफ्तारी के बाद हुए थे निलंबित
मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 जुलाई 2022 को सैयद रियाज अहमद को गिरफ्तार किया था। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें प्रशासनिक पद से निलंबित भी कर दिया गया था। बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी।
हाईकोर्ट में चल रही थी कानूनी प्रक्रिया
जमानत मिलने के बाद से ही सैयद रियाज अहमद मामले को लेकर अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि आपसी सहमति बनने के बाद मामले को समाप्त करने की मांग अदालत में रखी गई थी।
अदालत ने रद्द की प्राथमिकी
सुनवाई के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने सैयद रियाज अहमद की याचिका स्वीकार करते हुए खूंटी महिला थाना में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कर दिया। अदालत ने आदेश में कहा कि समझौते के आधार पर अब मामले को आगे बढ़ाने का औचित्य नहीं बनता।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद सैयद रियाज अहमद को बड़ी राहत मिली है।