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  • 2026-05-26

NEET Paper Leak2026: पेपर लीक मामले पर माकपा का प्रदर्शन, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और NTA भंग करने की उठी मांग

National News: देशभर में चर्चा का विषय बने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर अब राजनीतिक संगठनों का विरोध भी तेज होता जा रहा है. शनिवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी यानी माकपा की महाराष्ट्र के चंद्रपुर इकाई ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. पार्टी ने इस पूरे मामले को लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ बताया और कहा कि इससे देश की शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है.
विद्यार्थियों की मेहनत के साथ अन्याय का आरोप
माकपा ने अपने ज्ञापन में कहा कि लाखों छात्र लंबे समय तक मेहनत और लगन के साथ परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी पूरी मेहनत को बर्बाद कर देती हैं. पार्टी का कहना है कि इस मामले ने मेहनती और ईमानदार विद्यार्थियों के भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है.

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मामले में कुछ निजी कोचिंग क्लास संचालकों, प्राध्यापकों, दलालों और अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने की खबरें बेहद चिंताजनक हैं. शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र को भ्रष्टाचार और पैसों के खेल का माध्यम बनाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है.

दोषियों को सजा और कोचिंग संस्थानों के लाइसेंस रद्द करने की मांग
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मांग की है कि NEET पेपर लीक मामले की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके. पार्टी ने कहा कि इस मामले में शामिल कोचिंग संचालकों, शिक्षकों, दलालों और अन्य दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए.

इसके साथ ही ऐसे कोचिंग संस्थानों के लाइसेंस रद्द करने की भी मांग की गई है जो विद्यार्थियों को गुमराह कर अवैध गतिविधियों में शामिल हैं. पार्टी का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए.

NTA को भंग करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
माकपा ने कहा कि लगातार सामने आ रहे विवादों और छात्रों के बढ़ते मानसिक तनाव को देखते हुए सरकार को ठोस और सख्त कदम उठाने चाहिए. पार्टी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA को भंग करने की मांग भी उठाई है.

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. पार्टी नेताओं का कहना है कि जब परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो जवाबदेही तय होना जरूरी है.

दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के जिला सचिव राजेश पिंजरकर, सचिव मंडल सदस्य अरुण भेलके, शारदा लेनगुडे, प्रमोद गोडघाटे, परशुराम थोडासे, अनिल येनकर और वंदना बडवाईक समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे.

माकपा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. पार्टी का कहना है कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.
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