Jamshedpur News : बिरसानगर पीएम आवास योजना के 100 से ज्यादा लाभार्थी बुधवार को एक बार फिर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय से मिले। लाभार्थियों ने उनसे आग्रह किया कि 31 मई तक उनके नाम से आवंटित फ्लैट की चाबी दिलाई जाए। इस पर सरयू राय ने कहा कि वह लगातार इस मुद्दे को लेकर प्रयासरत हैं।
लाभार्थियों के सामने ही उन्होंने नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से फोन पर बातचीत की और जल्द चाबी दिलाने का अनुरोध किया। मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि उन्हें अपना वादा याद है, लेकिन इसमें 10-15 दिन आगे-पीछे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को चाबी दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री के जवाब से नाराज हुए सरयू राय
फोन पर बातचीत के दौरान सरयू राय ने साफ कहा कि अगर 31 मई तक लाभुकों को फ्लैट की चाबी नहीं मिली तो वह 1 जून से अनशन पर बैठेंगे। इस पर मंत्री ने कहा कि एक कार्य को अब तक प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिली है, जिसके कारण देरी हो रही है। स्वीकृति मिलते ही काम में तेजी लाई जाएगी।
गौरतलब है कि करीब 25 दिन पहले भी लाभार्थियों की मौजूदगी में सरयू राय ने मंत्री से बातचीत की थी। उस समय मंत्री ने एक महीने के भीतर सभी को चाबी दिलाने का आश्वासन दिया था। अब सरयू राय ने दोबारा उन्हें उनका वादा याद दिलाया है।
ड्रेनेज और सड़क निर्माण में भी देरी
सरयू राय ने बताया कि पीएम आवास के दो ब्लॉक पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन ड्रेनेज का काम अधूरा है। जेएनएसी ने पहले कहा था कि एक महीने में ड्रेनेज तैयार हो जाएगा। मंगलवार को हुई बातचीत में जानकारी मिली कि एक ड्रेनेज बन चुका है, जबकि दूसरे में अभी 15 दिन और लगेंगे।
उन्होंने बताया कि जुडको के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सड़क निर्माण में भी बाधा आ रही है, क्योंकि वहां टाटा स्टील का स्लैग पड़ा हुआ है। फिलहाल गड्ढों में छाई भरकर सड़क को चलने लायक बनाया गया है। स्थायी सड़क निर्माण के लिए एस्टीमेट विभागीय सचिव के पास भेजा गया है और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू होगा।
बिजली मीटर को लेकर भी सामने आई विसंगति
सरयू राय ने बताया कि बिजली व्यवस्था को लेकर भी विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं। बिजली विभाग का कहना है कि 192 घरों में मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि लाभार्थियों का दावा है कि केवल 85 घरों में ही मीटर लगे हैं। उन्होंने कहा कि वह बुधवार सुबह स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ऐसी शिकायतें भी मिली हैं कि जिन लोगों के पास पहले से मकान हैं, उन्हें भी फ्लैट आवंटित कर दिया गया है, जबकि यह योजना बेघर लोगों के लिए बनाई गई थी।
“लाभुकों पर बैंक कर्ज और किराये का दोहरा बोझ”
सरयू राय ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा फोकस इस बात पर है कि लाभार्थियों को जल्द से जल्द फ्लैट की चाबी मिल जाए। उन्होंने कहा कि लाभुक बैंक ऋण और किराये के दोहरे बोझ से परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि वह मंत्री से एक बार फिर बातचीत करेंगे और कोई निश्चित तारीख तय करने की मांग करेंगे। अगर 31 मई तक चाबी नहीं मिली तो 1 जून को डीसी ऑफिस के सामने अनशन पर बैठना तय है।