Ranchi News : झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने आईपीएच सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए आरोपों का तीखा जवाब दिया। उन्होंने एंबुलेंस और दवा घोटाले के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे सरकार की छवि खराब करने की कोशिश करार दिया।
“251 एंबुलेंस खड़ी हैं तो जानकारी सार्वजनिक करें”
इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि 251 एंबुलेंस एनएचएम में बेकार पड़ी हैं। मंत्री ने कहा कि यदि इतनी एंबुलेंस खड़ी हैं तो इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने तंज भरे अंदाज में एक दूरबीन दिखाते हुए कहा कि इसे बाबूलाल मरांडी को भेज देंगे, ताकि वे खुद जाकर एंबुलेंस देख सकें।
मंत्री ने कहा कि राज्य की कई पुरानी एंबुलेंस लंबे समय से चल रही हैं और अब नई एंबुलेंस की जरूरत है। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दुमका और रांची में नए कॉल सेंटर शुरू करने की तैयारी है, ताकि फोन करने के 15 मिनट के भीतर एंबुलेंस मरीजों तक पहुंच सके।
दवा एक्सपायरी को लेकर भी दिया जवाब
दवाओं के एक्सपायर होने के आरोपों पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कई दवाएं आपदा और विशेष बीमारियों को ध्यान में रखकर पहले से खरीदी जाती हैं। बीमारी कम होने पर कुछ दवाएं स्टॉक में बच जाती हैं।
उन्होंने कहा कि लैब जांच में खराब पाई गई दवाओं का भुगतान नहीं किया गया है और उन्हें वितरण से रोक दिया गया है।
“एक सप्ताह में सबूत दें, नहीं तो होगी एफआईआर”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को एक सप्ताह के भीतर अपने आरोपों का प्रमाण देने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि सबूत पेश नहीं किए गए तो उनके खिलाफ थाना में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धियां भी गिनाईं
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य विभाग देश में तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है और सरकार इसे पहले स्थान पर लाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में रिम्स-2 की तैयारी चल रही है और पीजी सीटों में बढ़ोतरी की गई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में एआई और रोबोटिक तकनीक को शामिल करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि शैलेंद्र श्रीवास्तव को सेवा विस्तार नहीं दिया गया था, बल्कि प्रक्रिया के तहत नियुक्ति की गई थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में इरफान अंसारी ने कहा कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं और किसी भी निराधार आरोप से उनका मनोबल कमजोर नहीं होगा।