Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट ने मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने दोनों मामलों में दायर जमानत याचिकाओं को खारिज करते हुए आरोपियों को फिलहाल जेल में ही रहने का निर्देश दिया है।
हटिया रेल थाना मामले में मो. फिरोज की जमानत खारिज
पहले मामले में मो. फिरोज की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। यह मामला हटिया रेल थाना कांड संख्या 24/2025 से संबंधित है। पुलिस के अनुसार मो. फिरोज और उसके एक सहयोगी के पास से कुल 23 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था।
जांच में सामने आया कि मो. फिरोज के कब्जे से 13 किलोग्राम तथा सह-आरोपी के पास से 10 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
206 किलो गांजा बरामदगी मामले में ट्रक चालक को भी राहत नहीं
दूसरे मामले में साजाद अंसारी की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। साजाद अंसारी एक ट्रक चालक है और उसके खिलाफ नगड़ी थाना में मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार नगड़ी थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से 206 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था। मामले की गंभीरता और बरामद मादक पदार्थ की बड़ी मात्रा को देखते हुए हाईकोर्ट ने उसकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी।
दोनों आरोपियों को फिलहाल जेल में रहना होगा
हाईकोर्ट के फैसले के बाद दोनों आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसके चलते दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।