Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट में गर्मी की छुट्टियों के दौरान मामलों के त्वरित निपटारे का उल्लेखनीय उदाहरण देखने को मिला। अवकाश अवधि में न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की पीठ ने सुनवाई के लिए आए 95 प्रतिशत से अधिक मामलों का निष्पादन कर न्यायिक कार्यकुशलता का परिचय दिया।
हाईकोर्ट में 16 मई से गर्मी की छुट्टियां शुरू हुई थीं। इस दौरान जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अवकाशकालीन पीठ गठित की गई थी। अवकाश अवधि में कुल 891 मामले सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए गए थे।
सुनवाई के बाद अदालत ने 853 मामलों का निपटारा कर दिया। इस प्रकार कुल मामलों में से 95.73 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया गया, जिसे न्यायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
जमानत याचिकाओं के निपटारे में रही सबसे अधिक सक्रियता
अवकाशकालीन पीठ द्वारा सबसे अधिक नियमित जमानत याचिकाओं का निपटारा किया गया। इसके बाद अग्रिम जमानत याचिकाओं की सुनवाई हुई। निपटाए गए मामलों में 649 नियमित जमानत याचिकाएं और 169 अग्रिम जमानत याचिकाएं शामिल हैं।
इसके अलावा 15 आपराधिक अपील, 10 रिट याचिकाएं, पांच आपराधिक रिट याचिकाएं, दो-दो आपराधिक पुनरीक्षण एवं आपराधिक विविध याचिकाएं तथा एक सिविल विविध याचिका का भी निष्पादन किया गया।
न्यायिक व्यवस्था की दक्षता का उदाहरण
गर्मी की छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में मामलों के त्वरित निपटारे को न्यायिक व्यवस्था की प्रभावशीलता और दक्षता का प्रतीक माना जा रहा है। इससे लंबित मामलों के बोझ को कम करने में भी मदद मिली है और न्याय पाने की प्रक्रिया को गति मिली है।