Nagpur Drug Trafficking: नागपुर ग्रामीण पुलिस ने अंतरराज्यीय अफीम तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड में छापेमारी कर 2 किलो 285 ग्राम अफीम समेत 13 लाख 5 हजार 500 रुपये मूल्य का माल जब्त किया है. यह कार्रवाई उमरेड में दर्ज एक अफीम तस्करी मामले की जांच के दौरान की गई. पुलिस का दावा है कि जांच में एक बड़े तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसकी कड़ियां कई राज्यों तक फैली हो सकती हैं.
उमरेड में दर्ज मामले से खुला तस्करी नेटवर्क का सुराग
पुलिस के मुताबिक 20 मई 2026 को उमरेड में अफीम तस्करी का मामला दर्ज किया गया था. मामले की जांच नागपुर ग्रामीण पुलिस की मादक पदार्थ विरोधी टीम को सौंपी गई. जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय तस्करी गिरोह के बारे में अहम जानकारियां मिलीं.
झारखंड से पकड़ा गया अफीम सप्लायर, करोड़ों की बरामदगी पहले ही हो चुकी
जांच के दौरान पुलिस ने 25 मई 2026 को झारखंड के सिमडेगा जिले में छापेमारी कर अफीम आपूर्ति करने वाले आरोपी मनीषकुमार अंबिकाप्रसाद को गिरफ्तार किया था. आरोपी सिमडेगा जिले के भंडारटोली क्षेत्र का रहने वाला है.
गिरफ्तारी के समय उसके कब्जे से 33.767 किलोग्राम अफीम, 23 लाख 35 हजार रुपये नकद और अन्य सामग्री बरामद की गई थी. उस कार्रवाई में कुल 1 करोड़ 92 लाख 36 हजार 500 रुपये मूल्य का माल जब्त किया गया था.
पूछताछ में सामने आया एक और नाम, पुलिस पहुंची खूंटी और रांची
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान विमल सिंह मुंडा नामक एक अन्य संदिग्ध का नाम सामने आया. वह झारखंड के खूंटी जिले के सरमली क्षेत्र का निवासी बताया गया है.
पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के के मार्गदर्शन में गठित विशेष जांच दल ने आरोपी की तलाश शुरू की. जांच के क्रम में टीम झारखंड पहुंची और रांची जिले के बुंडू क्षेत्र में उसके परिवार और ठिकानों की जानकारी जुटाई.
पुलिस की भनक लगते ही फरार हुआ आरोपी, घर से मिली अफीम
पुलिस की गतिविधियों की जानकारी मिलते ही विमल सिंह मुंडा फरार हो गया. इसके बाद नागपुर ग्रामीण पुलिस ने बुंडू थाना पुलिस के सहयोग से उसके घर की तलाशी ली.
तलाशी के दौरान 2 किलो 285 ग्राम अफीम बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 11 लाख 42 हजार 500 रुपये आंकी गई है. इसके अलावा एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन और एक इलेक्ट्रॉनिक वजन कांटा भी जब्त किया गया. 3 जून 2026 को हुई इस कार्रवाई में कुल 13 लाख 5 हजार 500 रुपये मूल्य का माल बरामद किया गया.
कई राज्यों तक फैला हो सकता है नेटवर्क, अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह तस्करी गिरोह कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है. पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और इसमें शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है.