Indian Gallantry Awards: देश की सुरक्षा के लिए असाधारण साहस दिखाने वाले 51 जांबाजों को सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों, केंद्रीय पुलिस बलों और राज्य पुलिस के उन बहादुर जवानों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए, जिन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों और अन्य चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय दिया. कई वीरों को यह सम्मान मरणोपरांत भी प्रदान किया गया.
राष्ट्रपति भवन में सजा शौर्य और सम्मान का विशेष समारोह
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह के पहले चरण में कुल 51 वीरों को सम्मानित किया गया. इस दौरान 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए गए. समारोह में देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों के परिवारों की मौजूदगी ने माहौल को भावुक भी बना दिया. इन पुरस्कारों के जरिए उन वीरों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा को सम्मान दिया गया, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा.
सात वीरों को मिला कीर्ति चक्र, दो को मरणोपरांत मिला सम्मान
इस वर्ष कुल सात कीर्ति चक्र प्रदान किए गए, जिनमें दो सम्मान मरणोपरांत दिए गए. नायब सूबेदार दोलेश्वर सुब्बा को किश्तवाड़ में आतंकवादियों के खिलाफ अभियान में दिखाए गए साहस के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया. इसके अलावा लांस नायक मीनात्ची सुंदरम, मेजर अर्शदीप सिंह, एयर कमोडोर प्रशांत नायर और कैप्टन लालरिनावमा सैलो को भी इस सम्मान से नवाजा गया. वहीं सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर और लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान किया गया.
15 बहादुरों को वीर चक्र से नवाजा गया
वीरता और अदम्य साहस के लिए 15 जवानों को वीर चक्र प्रदान किया गया. इनमें तीन पुरस्कार मरणोपरांत दिए गए.कर्नल कोशांक लांबा, ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू, विंग कमांडर जॉय चंद्रा और ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा को राष्ट्रपति ने वीर चक्र से सम्मानित किया. इसके अलावा स्क्वाड्रन लीडर सिद्धांत सिंह, नायब सूबेदार सतीश कुमार और लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट भी इस सूची में शामिल रहे. सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, राइफलमैन सुनील कुमार और कांस्टेबल दीपक को मरणोपरांत वीर चक्र प्रदान कर उनके बलिदान को नमन किया गया.
29 जवानों को मिला शौर्य चक्र, नौसेना की महिला अधिकारियों ने भी बढ़ाया मान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 29 जवानों को शौर्य चक्र से भी सम्मानित किया. इनमें एक पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान किया गया. गृह मंत्रालय से जुड़े निरीक्षक लक्ष्मण केवट, रामेश्वर प्रसाद देशमुख और लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भारती शुक्ला को इस सम्मान से नवाजा गया. वहीं नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और रूपा ए को भी उनके साहस और उत्कृष्ट सेवा के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया गया. एल डीएफआर बलदेव चंद को देश के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत सम्मानित किया गया.
देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को राष्ट्रपति ने किया नमन
समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि देश के लिए समर्पण, साहस और बलिदान की ये कहानियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी. राष्ट्रपति ने उन वीर जवानों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए. उन्होंने कहा कि देश हमेशा उनके योगदान और बलिदान का ऋणी रहेगा.
राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह केवल पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उन जांबाजों के साहस, समर्पण और बलिदान को सलाम करने का अवसर भी था, जिन्होंने हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. इन वीरों की कहानियां पूरे देश के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत हैं.