Jharkhand Rajya Sabha Elections: झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही हैं. किसी भी तरह की सेंधमारी या क्रॉस वोटिंग की संभावना को देखते हुए दलों ने अपने विधायकों पर निगरानी बढ़ा दी है.
एनडीए ने सतर्कता बरतते हुए अपने सभी विधायकों को होटल में शिफ्ट करने का फैसला लिया है. मंगलवार दोपहर दो बजे तक सभी एनडीए विधायकों को रांची के रेडिसन होटल पहुंचने का निर्देश दिया गया है. इसके बाद 18 जून को सभी विधायक एक साथ होटल से विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव में मतदान करेंगे.
राजनीतिक गलियारों में विपक्षी खेमे में संभावित टूट की चर्चा के बीच एनडीए ने यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया है. पार्टी नेतृत्व नहीं चाहता कि मतदान से पहले किसी तरह की रणनीतिक चूक हो या विधायक किसी दबाव में आएं.
कांग्रेस भी सक्रिय, विधायकों से लगातार संपर्क
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस भी राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं को विधायकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है.
पार्टी ने यह व्यवस्था की है कि किसी विधायक को किसी तरह की समस्या हो या कोई सुझाव देना हो तो उसे तुरंत शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाए. कांग्रेस को झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के समर्थन के भरोसे अपनी जीत की उम्मीद है, लेकिन पार्टी किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहती है.
तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
राज्यसभा चुनाव में इस बार मुकाबला काफी रोचक हो गया है. मैदान में जेएमएम के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवाणी हैं.
जेएमएम अपने समर्थन को लेकर आश्वस्त नजर आ रहा है, जबकि कांग्रेस को निर्दलीय उम्मीदवार की मौजूदगी को लेकर चिंता है. कांग्रेस को आशंका है कि कुछ विधायक किसी भी तरह के दबाव या प्रलोभन में आ सकते हैं. इसी वजह से पार्टी अपने विधायकों के साथ लगातार बैठक और संवाद कर रही है.
कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक अजय शर्मा, नासिर हुसैन और प्रदेश प्रभारी के भी रांची पहुंचने की संभावना है. अब 18 जून का मतदान ही तय करेगा कि राज्यसभा की दोनों सीटों पर किस गठबंधन का पलड़ा भारी रहता है.