Ranchi News : झारखंड के क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। राज्य में खनिज अन्वेषण, खनन और मूल्य संवर्धन की संभावनाओं को लेकर प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में झारखंड के खनिज संसाधनों, निवेश अवसरों तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग पर चर्चा की गई।
बैठक में यह बताया गया कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और यहां तांबा, निकल, कोबाल्ट, ग्रेफाइट सहित कई महत्वपूर्ण खनिजों की संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार इन संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन, प्रसंस्करण और उद्योगों के विकास के लिए निवेश आकर्षित करने पर जोर दे रही है।
निवेश और तकनीकी सहयोग पर जोर
बैठक के दौरान अमेरिकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने खनिज अन्वेषण, खनन तकनीक, प्रसंस्करण इकाइयों और आपूर्ति श्रृंखला के विकास में रुचि दिखाई। दोनों पक्षों ने सतत खनन, पर्यावरणीय मानकों और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी विचार-विमर्श किया।
क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती वैश्विक मांग
दुनियाभर में स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्र में उपयोग होने वाले क्रिटिकल मिनरल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत भी इन खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है। हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच क्रिटिकल मिनरल्स सहयोग को लेकर भी कई पहलें हुई हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि विदेशी निवेश और तकनीकी सहयोग से झारखंड में खनन क्षेत्र को नई गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य देश के क्रिटिकल मिनरल्स हब के रूप में उभर सकेगा।