NEET Student Death: NEET परीक्षा को लेकर जारी विवाद और दोबारा परीक्षा की स्थिति के बीच दिल्ली के पालम इलाके से एक दुखद मामला सामने आया है. यहां मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत के बाद छात्रों की मानसिक सेहत को लेकर चिंता और गहरा गई है. रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा ने 3 मई को परीक्षा दी थी और हाल के घटनाक्रम से तनाव में थी. इस साल अब तक NEET से जुड़े 14 छात्रों की मौत के मामले सामने आने की बात कही जा रही है.
परिवार से दूर घर में अकेली थी छात्रा, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन छात्रा घर पर अकेली थी. उसके पिता एक पारिवारिक शोक के कारण रिश्तेदारों के यहां गए हुए थे. शुरुआती जांच में पता चला है कि 13 जून की शाम को छात्रा की मौत हुई. मौके से एक नोट भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है. छात्रा का परिवार मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला बताया गया है.
नोट में माता पिता से जताया अफसोस, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जानकारी के अनुसार, बरामद नोट में छात्रा ने अपने माता पिता से माफी मांगी थी और लिखा था कि वह उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी. इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है. वहीं इस सप्ताह की शुरुआत में राजस्थान के सीकर में भी NEET की तैयारी कर रहे उमेश माली नामक छात्र की मौत का मामला सामने आया था. वह परीक्षा के तीसरे प्रयास की तैयारी कर रहा था. 21 जून को प्रस्तावित परीक्षा से पहले सामने आए इन मामलों ने अभ्यर्थियों के बढ़ते मानसिक दबाव पर नई बहस छेड़ दी है.
पेपर लीक और अनियमितताओं पर सांसद हनुमान बेनीवाल ने जताई चिंता
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस पूरे घटनाक्रम पर दुख जताते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों और पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों का असर मेहनत करने वाले छात्रों पर पड़ रहा है. उनका कहना है कि लंबे समय तक तैयारी करने के बाद जब परीक्षा प्रक्रिया पर ही संदेह पैदा हो जाए तो युवाओं में असुरक्षा और निराशा का माहौल बनना स्वाभाविक है. रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक NEET से जुड़े 14 छात्रों की मौत के मामले सामने आए हैं, जिनमें पांच मामले परीक्षा रद्द होने की घोषणा के बाद दर्ज किए गए.