Seraikela: वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने तथा किसानों को संस्थागत ऋण सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से पंडरा पंचायत में ऋण रिकवरी, ऋण समझौता एवं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) आवेदन सृजन के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में किसानों, ग्रामीणों और लाभुकों ने भाग लेकर विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। शिविर के दौरान बैंक के बकाया ऋणों के निपटान, ऋण समझौता प्रक्रिया तथा पात्र किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इच्छुक किसानों से मौके पर ही आवेदन प्राप्त किए गए और उन्हें आवश्यक दस्तावेजों एवं प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया गया।
समय पर ऋण भुगतान करने की अपील
अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) बरुण कुमार चौधरी ने उपस्थित किसानों और ग्रामीणों को समय पर ऋण चुकाने, बैंकिंग सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाने तथा कृषि कार्यों के लिए संस्थागत ऋण का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों को कम ब्याज दर पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराने की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है, जिससे वे साहूकारों के चंगुल से बच सकते हैं और अपनी खेती को बेहतर बना सकते हैं। शिविर में चीफ मैनेजर (एआरडी) संजय कुमार, बैंक ऑफ इंडिया सरायकेला शाखा की शाखा प्रबंधक श्रद्धांजलि तथा पंडरा पंचायत की मुखिया गीता कुमारी सहित अन्य बैंक प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने ग्रामीणों से बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठाने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
ग्रामीणों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
शिविर में पहुंचे किसानों और ग्रामीणों ने ऋण निपटान एवं किसान क्रेडिट कार्ड योजना के प्रति उत्साह दिखाया। लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए आयोजित इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि इस प्रकार के शिविर किसानों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने, वित्तीय जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। किसानों को समय पर ऋण सुविधा उपलब्ध होने से कृषि उत्पादन और आय में भी वृद्धि होती है।