Hazaribagh News: कोडरमा-हजारीबाग टाउन-बरकाकाना रेलखंड के बहुप्रतीक्षित दोहरीकरण परियोजना को लेकर रेलवे ने प्रक्रिया तेज कर दी है. लंबे समय से अटकी इस परियोजना का तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन अब अंतिम दौर में पहुंच गया है. मूल्यांकन पूरा होने के बाद टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर जमीन पर काम शुरू कराया जाएगा. रेलवे ने परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है.
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, परियोजना के शुरुआती चरण में करीब 342 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इस रेलखंड के अधिकतर हिस्सों में रेलवे के पास पहले से जमीन उपलब्ध होने के कारण निर्माण कार्य में बड़ी बाधा आने की संभावना कम है. पिछले साल जून में इस डबलिंग प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई थी, जिसके बाद अब इसे धरातल पर उतारने की तैयारी चल रही है.
कोयला ढुलाई के साथ यात्री सेवाओं को मिलेगा फायदा
कोडरमा से बरकाकाना तक का यह रेलमार्ग वर्तमान में कोयला परिवहन के लिहाज से बेहद अहम है. इस रूट से बड़ी संख्या में मालगाड़ियां ताप विद्युत संयंत्रों तक कोयला पहुंचाती हैं. लेकिन सिंगल लाइन होने के कारण मालगाड़ियों को प्राथमिकता मिलती है और यात्री ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ता है.
रेल विशेषज्ञों का मानना है कि दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी. माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और यात्री ट्रेनों के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा.
फिलहाल हजारीबाग टाउन स्टेशन से यात्री ट्रेनों की संख्या काफी सीमित है. वर्तमान में कोडरमा-बरकाकाना पैसेंजर ट्रेन रोजाना चलती है, जबकि तीन एक्सप्रेस ट्रेनों में से कोई भी दैनिक सेवा में नहीं है. पूरे रेलखंड पर अभी केवल पांच यात्री ट्रेनें उपलब्ध हैं. ऐसे में स्थानीय लोग लंबे समय से नई ट्रेनों की मांग कर रहे हैं.
कोच मेंटेनेंस डिपो से मजबूत होगी संभावना
हजारीबाग में बन रहा कोच मेंटेनेंस डिपो भी रेलवे विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उम्मीद है कि अगले डेढ़ साल में इसका निर्माण पूरा हो सकता है. डिपो शुरू होने के बाद हजारीबाग से नई ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल डिपो से काम नहीं चलेगा, बेहतर परिचालन के लिए रेलखंड का दोहरीकरण भी जरूरी है.
हजारीबाग सांसद ने भी हाल में दिल्ली समेत देश के बड़े शहरों के लिए सीधी रेल सेवा शुरू कराने की दिशा में प्रयास की बात कही थी. यात्रियों और संगठनों की ओर से हटिया-सांकी पैसेंजर ट्रेन को हजारीबाग तक विस्तार देने और कोडरमा-बरकाकाना पैसेंजर को रांची होते हुए हटिया तक चलाने की मांग लगातार उठाई जा रही है. दक्षिण पूर्व रेलवे की यात्री परामर्शदात्री समिति की बैठक में भी इन मांगों को प्रमुखता से रखा गया था.
राजधानी एक्सप्रेस समेत कई सेवाओं की उम्मीद
जेडयूआरसीसी सदस्य अरुण जोशी के अनुसार, बैठक में हजारीबाग टाउन होकर राजधानी एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव भी दिया गया है. रेलवे अधिकारियों ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाया है.
रेल विशेषज्ञों का मानना है कि कोडरमा-हजारीबाग-बरकाकाना दोहरीकरण, राजगीर-तिलैया रेल परियोजना और कोच मेंटेनेंस डिपो जैसी योजनाएं मिलकर हजारीबाग को पूर्वी भारत का महत्वपूर्ण रेल केंद्र बना सकती हैं.
अगर परियोजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में हजारीबाग की रेल कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.