Jharkhand News: झारखंड सरकार ने दो जिला कमांडेंट की सेवामुक्ति और पुनर्नियुक्ति के बीच की लंबित अवधि पर बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है. गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिसूचना जारी कर इस अवधि को झारखंड सेवा संहिता के नियम-236 के तहत असाधारण (अवैतनिक) अवकाश के रूप में नियमित कर दिया है.
यह आदेश द्वितीय बैच के दो अधिकारियों पर लागू होगा. इनमें वर्तमान में गिरिडीह में पदस्थापित जिला कमांडेंट रवि कुमार कुजूर और सरायकेला के जिला कमांडेंट हरिहर सिंह मुंडा शामिल हैं.
करीब दो साल की सेवा अवधि पर हुआ निर्णय
दोनों अधिकारियों को 10 अगस्त 2010 को सेवा से मुक्त किया गया था. बाद में 5 सितंबर 2012 को विभागीय आदेश के जरिए उन्हें दोबारा सेवा में बहाल कर दिया गया. हालांकि, इन दोनों तारीखों के बीच की अवधि को किस श्रेणी में रखा जाएगा, इस पर अब तक निर्णय नहीं हो पाया था. सरकार ने अब इस पूरे अंतराल को सशर्त तदर्थ आधार पर अवैतनिक असाधारण अवकाश घोषित कर दिया है.
न वेतन मिलेगा, न कोई अन्य आर्थिक लाभ
सरकार के आदेश के मुताबिक 10 अगस्त 2010 से 5 सितंबर 2012 तक की अवधि के लिए दोनों अधिकारियों को वेतन, भत्ता या किसी भी प्रकार का वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा. इस अवधि को केवल सेवा अभिलेख में असाधारण अवकाश के रूप में दर्ज किया जाएगा.
कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर रहेगा आदेश
अधिसूचना में कहा गया है कि यह व्यवस्था CBI और ACB रांची से जुड़े RC 06(A)/2012-AHD-R समेत संबंधित मामलों में आने वाले अंतिम न्यायिक फैसलों और सरकार के भविष्य के आदेशों के अधीन रहेगी. यदि अदालत का कोई अलग निर्णय आता है तो उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जारी हुई अधिसूचना
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि इस प्रस्ताव को विभागीय मंत्री सह मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है. इसके बाद संयुक्त सचिव ओम प्रकाश तिवारी ने झारखंड के राज्यपाल के नाम से यह अधिसूचना जारी की.