Jharkhand Assembly Monsoon Session: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन की दूसरी पाली में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई. विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार का पक्ष रखते हुए विपक्ष पर राजनीतिक मुद्दों को लेकर दोहरे मानदंड अपनाने और छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया.
सीएम का विपक्ष पर तंज
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “थोड़ा समय हमें भी बोलने के लिए दे दो भाई! बहुत ऐसी बात बताऊंगा, जिससे आपलोग खुशी से उछल पड़ेंगे.” विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए सभी सदस्यों से सदन के नेता और मुख्यमंत्री को शांति से सुनने का आग्रह किया.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि विपक्ष को मौजूदा सरकार से काफी उम्मीदें हैं, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने में कितने जन्म लगेंगे, यह वे खुद भी नहीं जानते.
छात्र आंदोलन पर सीएम का जवाब
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार को विपक्ष के सहारे की कोई जरूरत नहीं है.उन्होंने पिछले कुछ दिनों से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस पूरे मामले में अब कोई दम या असर नहीं बचा है.
मुख्यमंत्री ने विधानसभा के बाहर हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए प्रशासन की भूमिका का बचाव किया. उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रशासन ने काफी धैर्य का परिचय दिया.
छात्रों को गुमराह करने का आरोप
उन्होंने कहा कि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद जैसे संवैधानिक संस्थानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के तहत धारा 144 लागू रहती है. इसके बावजूद विपक्ष पर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग गेरुआ वस्त्र पहनकर छात्रों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं. हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पूरे मामले की परत-दर-परत जांच करेगी और इसके पीछे की सच्चाई सामने लाने का प्रयास किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार के पास विपक्ष जैसी साधन-व्यवस्था और धनबल नहीं है, लेकिन इसके बावजूद सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है.
उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न संस्थाओं का इस्तेमाल कर सदन की गरिमा को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक माहौल और गरमा गया.