Sunil Gavaskar On No Ball: भारत ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से जीतकर अपना दबदबा कायम रखा. हालांकि सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों की एक गलती ने पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर का ध्यान खींच लिया.
मैच के दौरान टीम इंडिया के गेंदबाजों ने कुल 13 नो-बॉल डाल दीं. इससे श्रीलंका को अतिरिक्त रन मिले और गेंदबाजी में अनुशासन को लेकर सवाल भी खड़े हुए. गावस्कर का मानना है कि इस तरह की गलती को सामान्य नहीं माना जा सकता और टीम को इस पर तुरंत काम करने की जरूरत है.
नो-बॉल को लेकर गावस्कर ने जताई नाराजगी
सुनील गावस्कर के मुताबिक नो-बॉल ऐसी गलती है, जिस पर गेंदबाज का पूरा नियंत्रण होता है. उनका कहना है कि गेंदबाज अपने रनअप और क्रीज की स्थिति को पहले से तय कर सकते हैं. गावस्कर ने इस बात पर भी जोर दिया कि आज के दौर में गेंदबाजों के पास रनअप की सही दूरी तय करने के लिए पर्याप्त साधन मौजूद हैं. ऐसे में बार-बार क्रीज से आगे निकलकर नो-बॉल करना समझ से परे है.
उनके मुताबिक एक नो-बॉल कभी-कभी पूरे मैच का रुख बदल सकती है. इसलिए इसे छोटी तकनीकी गलती मानकर नजरअंदाज करने के बजाय खिलाड़ियों को इसकी गंभीरता समझानी जरूरी है.
गलती दोहराने पर बढ़े जुर्माने का सुझाव
गावस्कर ने नो-बॉल रोकने के लिए आर्थिक जुर्माने की व्यवस्था का सुझाव दिया है. उनका कहना है कि अगर कोई गेंदबाज बार-बार ऐसी गलती करता है तो हर अगली नो-बॉल पर जुर्माना बढ़ना चाहिए. उनका तर्क है कि लगातार बढ़ता आर्थिक दंड खिलाड़ियों को अपनी गलती सुधारने के लिए मजबूर करेगा. साथ ही उन्होंने सिर्फ गेंदबाज को जिम्मेदार मानने के बजाय सपोर्ट स्टाफ की जवाबदेही तय करने की भी बात कही.
गावस्कर के अनुसार टीम मैनेजमेंट और सपोर्ट स्टाफ की भूमिका भी गेंदबाजों की तकनीकी गलतियों को सुधारने में अहम होती है. इसलिए जिम्मेदारी केवल मैदान पर गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए.
अब अफगानिस्तान के खिलाफ T20 सीरीज
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद भारतीय टीम का अगला मुकाबला अफगानिस्तान से होगा. दोनों टीमों के बीच तीन मैचों की T20 सीरीज खेली जानी है. सीरीज के तीनों मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में 13, 15 और 17 सितंबर को खेले जाएंगे. श्रीलंका के खिलाफ मिली जीत के बाद भारतीय टीम इस सीरीज में भी मजबूत प्रदर्शन के इरादे से उतरेगी. सीरीज में श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों पर भी नजर रहेगी.
जीत के बावजूद गेंदबाजी में सुधार जरूरी
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज अपने नाम करना भारतीय टीम के लिए अच्छी खबर रही, लेकिन दूसरे टेस्ट में हुई 13 नो-बॉल ने गेंदबाजी विभाग के सामने सुधार की गुंजाइश जरूर दिखाई है.
गावस्कर का सुझाव इसी बात पर केंद्रित है कि ऐसी गलतियों को शुरुआत में ही रोका जाए. गेंदबाजों के साथ कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की जिम्मेदारी तय करके टीम इंडिया अपनी गेंदबाजी में अनुशासन और बेहतर कर सकती है.