Jharkhand News: JPSC आंदोलन के दौरान राज्य सरकार को अस्थिर करने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को धमकी देने के आरोपी विश्वजीत समादार को कोर्ट से जमानत मिल गई है. रांची के CJM कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के बाद उसे कुछ शर्तों के साथ नियमित जमानत दे दी. पिछली सुनवाई में अदालत ने पुलिस से आरोपी का आपराधिक इतिहास मांगा था. पुलिस की जांच में उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला.
छात्र आंदोलन में शामिल होने का आरोप
पुलिस के अनुसार, बोकारो के थर्मल निवासी विश्वजीत समादार ने पूछताछ में छात्र नहीं होने के बावजूद राजनीतिक हितों के लिए आंदोलन में शामिल होने की बात स्वीकार की. जांच में उसके 2020 से 2022 तक राष्ट्रीय बजरंग दल के बोकारो जिला प्रमुख और 2022 से अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद के बोकारो जिला अध्यक्ष रहने की जानकारी सामने आई है. पुलिस का आरोप है कि उसका उद्देश्य जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के जरिए सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करना था.
CM को धमकी देने का भी आरोप
पुलिस के मुताबिक, विश्वजीत 13 अगस्त को स्टेडियम पहुंचा था. आरोप है कि उसने छात्रों के बीच भोजन बांटा और उन्हें भड़काने की कोशिश की. इसी दौरान उस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जान से मारने और सरकारी आवास में तोड़फोड़ की धमकी देने का आरोप लगा. पुलिस ने दावा किया कि 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान हिंसा भड़काने की कोशिश के आरोप में उसे गिरफ्तार किया गया.
मामले में रांची के कोतवाली थाना में कांड संख्या 177/2026 दर्ज है. अब जमानत मिलने के बाद मामले की आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी.