कांड्रा निवासी गोविंद कालिंदी ने इस संबंध में
कांड्रा निवासी गोविंद कालिंदी ने इस संबंध में कांड्रा थाना प्रभारी को लिखित आवेदन सौंपकर कंपनी के सुरक्षा अधिकारी तारकनाथ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
आवेदन में कहा गया
आवेदन में कहा गया है कि आंदोलनकारी शांतिपूर्वक अपनी मांग रख रहे थे, तभी कंपनी कर्मी तारकनाथ ने आंदोलन को बाधित करते हुए जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। गोविंद कालिंदी ने इसे अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम, 1989 के तहत एक गंभीर अपराध बताया है।
कंपनी अधिकारी पर पहले भी धमकी
कंपनी अधिकारी पर पहले भी धमकी देने का आरोप यह पहली घटना नहीं है जब कंपनी के कर्मियों पर आरोप लगा है। आवेदनकर्ता ने यह भी बताया कि इससे पहले 9 सितंबर 2025 को कंपनी के ही एक अन्य अधिकारी, आरएन. प्रसाद, द्वारा उन्हें मारपीट की धमकी दी गई थी।
गोविंद कालिंदी ने पुलिस प्रशासन से दोनों घटनाओं की निष्पक्ष जांच करने और कंपनी के परिसर में लगे CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। यह घटना विस्थापितों के साथ कंपनी प्रबंधन के व्यवहार पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है और क्षेत्र में तनाव बढ़ा सकती है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।