दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुई इस वारदात के बाद
दुर्गापुर में एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ हुई इस वारदात के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में इसे स्तब्ध करने वाला और शॉकिंग बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार ऐसे अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस रखती है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने कॉलेज प्रशासन की जिम्मेदारी तय करते हुए कहा कि, "वह रात को 12:30 बजे बाहर कैसे निकली? लड़कियों को रात में बाहर नहीं निकलने देना चाहिए।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि लड़कियों को अपनी सुरक्षा खुद भी करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के इस बयान को विपक्ष और महिला अधिकार संगठनों ने
मुख्यमंत्री के इस बयान को विपक्ष और महिला अधिकार संगठनों ने पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाने जैसा बताया है। विरोधियों का कहना है कि यह बयान मुख्यमंत्री के पद की गरिमा के विपरीत है और अपराधियों को दोष देने के बजाय, पीड़िता को ही कटघरे में खड़ा करता है। विपक्षी दलों ने सीधे तौर पर राज्य में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी के लिए मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर
इस बीच, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है। राज्य प्रशासन ने जांच में तेज़ी लाने का आश्वासन दिया है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी इस घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच के लिए एक टीम दुर्गापुर भेजी है। गैंगरेप के इस मामले और उस पर सीएम के विवादित बयान ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और सरकार की संवेदनशीलता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।