No Entry In Ranchi: रांची में छठ पर्व को लेकर ट्रैफिक विभाग ने दो दिनों के लिए विशेष यातायात योजना तैयार की है. राजधानी में 27 और 28 अक्टूबर को वाहनों की आवाजाही पर कई प्रतिबंध लागू रहेंगे ताकि घाटों पर जाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और शहर में यातायात सुचारू बना रहे. इस संबंध में रांची पुलिस ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए आम जनता से सहयोग की अपील की है.
पुलिस के अनुसार, छठ पर्व के दौरान यह व्यवस्था इमरजेंसी वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों पर लागू रहेगी. मुख्य रूप से मालवाहक और छोटे वाणिज्यिक वाहनों पर रोक लगाई गई है.
मालवाहक वाहनों का प्रवेश 27 अक्टूबर की सुबह आठ बजे से रात के ग्यारह बजे तक और 28 अक्टूबर की सुबह दो बजे से दिन के दस बजे तक पूरी तरह से बंद रहेगा. इस दौरान केवल वे भारी वाहन जो रिंग रोड से होकर अपने गंतव्य तक जा सकते हैं, उन्हें ही अनुमति होगी. इसके अलावा सामान्य नो-एंट्री का समय पहले की तरह जारी रहेगा.
छोटे मालवाहक वाहनों के परिचालन पर भी रोक लगाई गई है. 27 अक्टूबर को दोपहर दो बजे से रात के आठ बजे तक शहर में सभी छोटे मालवाहक वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. वहीं, शाम तीन बजे से रात आठ बजे तक चांदनी चौक से कांके और राम मंदिर के बीच ऑटो और ई-रिक्शा के परिचालन पर भी रोक रहेगी ताकि यातायात सुगम रहे और घाटों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
27 अक्टूबर को कुछ प्रमुख मार्गों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. इनमें फिरायालाल चौक से चढ़री तालाब की ओर जाने वाली सड़क और जेल चौक से फिरायालाल की ओर जाने वाली सड़क शामिल है. इन सड़कों पर छठ पर्व के दौरान यातायात पूरी तरह से बंद रहेगा.
छठ घाटों के पास भीड़ को ध्यान में रखते हुए अस्थायी पार्किंग की व्यवस्था की गई है. पुलिस ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों के आसपास कुछ स्थानों को पार्किंग स्थल के रूप में निर्धारित किया गया है. आवश्यकता पड़ने पर अन्य मार्गों को अस्थायी रूप से डायवर्ट या कुछ समय के लिए रोका भी जा सकता है.
छठ पर्व झारखंड समेत पूरे उत्तर भारत का सबसे बड़ा आस्था पर्व माना जाता है. रांची जैसे शहरों में जहां जनसंख्या और वाहनों का दबाव दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं, वहां इस तरह के पर्वों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है. प्रशासन का यह कदम जरूरी और समयानुकूल है, क्योंकि बिना यातायात नियंत्रण के दुर्घटनाओं और जाम की स्थिति बन सकती है. यह ट्रैफिक व्यवस्था एक अच्छी पहल है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए नागरिक सहयोग और पुलिस सतर्कता दोनों समान रूप से आवश्यक हैं.