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  • 2025-10-25

Chhath Puja 2025: नहाय खाय के साथ आज से चार दिवसीय लोक आस्था छठ महापर्व की शुरुवात

Jamshedpur: आज शनिवार को नहाय-खाय के साथ लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ की शुरुआत हो गई है। नहाय-खाय के दिन वती स्नान कर नेम निष्ठा के साथ प्रसाद के रूप में चने की दाल, कद्दू की सब्जी और भात बनाते हैं और उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं. इसके बाद परिवार के अन्य सदस्यों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है. वहीं रविवार को खरना मनाया जाएगा 27 अक्तूबर को वती महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगी तथा 28 अक्तूबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद वत का समापन होगा. जानकारी के अनुसार नहाय खाय से ही वती बिस्तर पर लेटना बंद कर जमीन पर चटाई बिछाकर लेटेंगी, रविवार को खरना का आयोजन होगा. इसके तहत अरवा चावल, गुड़ और गाय के दूध से खीर बनाया जायेगा. वती द्वारा प्रसाद खाने के बाद निर्जला वत की शुरुआत होगी.


80 से 120 रुपये तक बिका कद्‌दू


नहाय खाय के दिन कद्दू (लौकी) का विशेष महत्व है. इस कारण में कट्टू की डिमांड बढ़ गई है. वहीं बाजार में कद्दू के दाम में भी काफी उडान आया है. सब्जी बाजार में कद्दू के दाम में तिगुनी वृ‌द्धि हुई हैं. जो कद्दू दो से तीन दिन पहले तक आसानी से 20 से 30 रुपये प्रति पीस बिक रहा था, वह शुक्रवार को 80 से 120 रुपये प्रति पौस तक बिका. वहीं बाजार में कद्‌दू की खरीदारी करने पहुंचे लोगों ने बताया कि कद्दू की कीमत में खासा बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पर्व में कद्दू खाने का नियम है तो खरीदना ही पड़ेगा. लोगों ने बताया कि बाजार में तिगुने दाम पर कद्‌दू की बिक्री हो रही है.

छठ पर्व में कद्दू का विशेष महत्व.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कद्‌दू खाने से वतियों को काफी ताकत मिलती है. माना जाता है कि कद्दू में पानी भरपूर मात्रा में होती है. इस कारण डिहाइड्रेशन की समस्या भी नहीं होती है. वहीं इस संबंध में पुरोहित बताते हैं कि नहाय खाग के दिन सात्विक भोजन शरीर और मन को शुद्ध करता है कद्दू फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन में मदद करता है, और चावल ऊर्जा देता है. सनातन धर्म में कद्दू को सबसे पवित्र सब्जी माना गया है. यह परंपरा न केवल धार्मिक है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव का भी प्रतीक है, जो छठ पर्व के कठिन वत की तैयारी कराता है.

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