Jamshedpur Crime News: सोनारी थाना क्षेत्र में सोमवार को हुए एक विवाद ने पूरे इलाके का माहौल अचानक तनावपूर्ण कर दिया. रिलैक्स बार के पास स्थित एक सैलून में मामूली कहासुनी से शुरू हुई बात कुछ ही देर में मारपीट और फिर घर में घुसकर हमले तक पहुंच गई.
जानकारी के अनुसार कपाली बस्ती के अभय गोप और उनके साथी सैलून में मौजूद थे. इसी दौरान ग्वाला बस्ती के रंजीत प्रसाद के भाई रणधीर प्रसाद भी छोटे भाइयों के साथ वहां पहुंचे. बाल कटवाने की बारी को लेकर दोनों समूहों के बीच पहले बहस हुई. आरोप है कि गाली गलौज बढ़ने पर दोनों ओर से धक्का मुक्की शुरू हो गई और स्थिति हाथापाई में बदल गई.
रंजीत प्रसाद ने आरोप लगाया है कि सैलून में कहासुनी के कुछ देर बाद जब वह विवाद को लेकर अभय गोप के घर पहुंचे तो वहां अभय और उसके साथियों ने बेसबॉल बैट, बंदूक की बट, रॉड और ईंट पत्थर से हमला कर दिया. वहीं अभय गोप का कहना है कि रंजित प्रसाद के तरफ से किए गए हमले में उनकी मां और बहन भी घायल हुईं और घर के भीतर पापड़ बेलन समेत अन्य चीजों से वार किया गया. परिवार का दावा है कि बहन के सिर में गहरी चोट आई और कई सदस्यों को गंभीर चोटें पहुंचीं.
वहीं प्रासद भाइयों का कहना है कि अभय गोप और उसके साथियों ने जान से मारने की धमकी भी दी. इसके साथ ही उनका कहना है कि वे केवल बाल कटवाने गए थे. उनका आरोप है कि सैलून में मौजूद अभय गोप ने पहले गाली गलौज की. विरोध किए जाने पर उन पर चापड़, रॉड, ईंट पत्थर और बेसबॉल बैट से हमला किया गया. प्रसाद भाइयों के अनुसार बड़े भाई के कंधे, दूसरे भाई के घुटने और छोटे भाई के सिर पर गंभीर चोट लगी और दो टांके लगाए गए. उनका कहना है कि कोई पुराना विवाद नहीं था और वे धमकी दिए जाने के बाद भी स्थिति संभालने की कोशिश कर रहे थे. गंभीर चोट लगने के कारण वे तुरंत FIR दर्ज नहीं करा सके.
घटना की सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. इलाके में एहतियातन पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है.
यह पूरा मामला बताता है कि कैसे सैलून में शुरू हुआ छोटा सा विवाद कुछ ही मिनटों में खतरनाक हिंसा में बदल सकता है. दोनों पक्षों के बयान विपरीत हैं और आरोप गंभीर हैं. हिंसा का दायरा सैलून से सड़क और फिर घर तक पहुंचना दर्शाता है कि विवाद को शांत करने की जगह उत्तेजना बढ़ती गई. पुलिस के लिए चुनौती अब यह होगी कि दोनों पक्षों के दावों की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करे. साथ ही यह घटना यह सवाल भी खड़ा करती है कि मामूली बातों पर बढ़ती आक्रामकता किस तरह समाज में असुरक्षा बढ़ा रही है.