Jharkhand News: राज्य में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि अब न्यूनतम बोली सिर्फ 10 प्रतिशत तक ही नीचे जा सकेगी. वे पलामू के लेस्लीगंज में आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे. वित्त मंत्री ने बताया कि यह प्रस्ताव आने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा.
कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि केंद्र ने नवंबर तक झारखंड को 30 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी नहीं की है. जल नल योजना का बजट 12 हजार 600 करोड़ रुपये था, लेकिन केंद्र ने इस मद में भी राशि उपलब्ध नहीं कराई है.
वित्त मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच काम करें. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की तरह अधिकारियों को भी नक्सल प्रभावित इलाकों में निर्भीक होकर काम करना चाहिए.
वित्त मंत्री के बयान से साफ है कि राज्य सरकार टेंडर प्रणाली में पारदर्शिता और अनावश्यक कीमत गिरावट पर रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहती है. न्यूनतम बोली की सीमा तय होने से ठेके प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा तो रहेगी, लेकिन अत्यधिक कम बोली से होने वाली शिकायतें और गुणवत्ता संबंधी समस्याएं घट सकती हैं. वहीं केंद्र सरकार को लेकर लगाए गए आरोप इस मुद्दे को राजनीतिक तकरार की दिशा भी देते हैं. अधिकारी वर्ग को दिए गए निर्देशों से संकेत मिलता है कि सरकार जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाने पर जोर दे रही है.