Jamshedpur: टाटा स्टील ने अब कार्यस्थल पर सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों को सख़्ती से लागू करने के उद्देश्य से ठेका कर्मियों की मेडिकल जांच अनिवार्य कर दी है। कंपनी ने सभी वेंडरों को स्पष्ट निर्देश जारी किया हैं कि स्वास्थ्य परीक्षण के बिना किसी भी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर को कार्यस्थल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के साथ ही मेडिकल चेक-अप शुल्क में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले ठेकेदारों को प्रति कर्मचारी केवल 100 रुपये में स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा मिलती थी, जिसे बढ़ाकर अब 700 रुपये कर दिया गया है। यह नया शुल्क और अनिवार्य जांच की व्यवस्था 1 दिसंबर से लागू हो चुकी है।
सोनारी स्थित टीएमएच हेल्थ चेक-अप सेंटर में कॉन्ट्रैक्ट वर्करों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच सुविधा उपलब्ध कराई गई है। नया रेट केवल ठेका कर्मियों के लिए ही नहीं, बल्कि उन सभी व्यक्तियों पर लागू होगा जो इसी तरह का हेल्थ चेक-अप पैकेज लेते हैं, जैसे पर्सनल ड्राइवर या सोसाइटी सदस्य।
मेडिकल जांच की लागत बढ़ने से वेंडरों और ठेकेदारों के सामने आर्थिक चुनौतियां बढ़ गई हैं। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह कदम दुर्घटनाएं रोकने, स्वास्थ्य जोखिम कम करने, और कार्यस्थल पर किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जरूरी है।
कंपनी ने सभी वेंडरों को इस संबंध में ई-मेल के माध्यम से सूचना भेज दी है। बढ़ा हुआ शुल्क लागू होने के बाद ठेकेदारों में चिंता बढ़ गई है, लेकिन कंपनी का मानना है कि सुरक्षित कार्य वातावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।