जागरूकता से ही थमेंगे सड़क हादसे
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा, "जागरूकता रथ का मुख्य उद्देश्य आमजन को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करना है। सरकार के प्रयासों की सफलता तभी संभव है, जब नागरिक स्वयं अनुशासित होकर वाहन चलाएं।" उन्होंने आगे बताया कि इस एक माह के दौरान पूरे जिले में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली जान-माल की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।
महीने भर चलेंगे विशेष अभियान
सड़क सुरक्षा माह के तहत जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ पंचायत स्तर पर भी सघन अभियान चलाया जाएगा। इसके मुख्य आकर्षण निम्नलिखित होंगे स्कूलों में निबंध, क्विज प्रतियोगिताएं और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बच्चों व युवाओं को जोड़ा जाएगा।सघन वाहन जाँच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जाएगी।जागरूकता रथ ऑडियो क्लिप के माध्यम से यातायात नियमों का संदेश घर-घर पहुँचाएगा।
इन नियमों पर रहेगा विशेष जोर
जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों को मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर सचेत किया जाएगा दुपहिया वाहन पर चालक और पीछे बैठी सवारी, दोनों के लिए हेलमेट अनिवार्य है। चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें।नशे की हालत में वाहन कदापि न चलाएं।निर्धारित गति सीमा का पालन करें और अनावश्यक ओवरटेक से बचें।
प्रशासनिक उपस्थिति
इस अवसर पर उपायुक्त के साथ निदेशक एनईपी, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटर यान निरीक्षक सहित पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अभियान की सफलता के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।