Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-07-21

Giridih News: गिरिडीह पुलिस के सामने महिला नक्सली अनिता किस्कू ने किया आत्मसमर्पण

Giridih: नक्सल विरोधी अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को एक अहम सफलता मिली है। भाकपा (माओवादी) संगठन की एरिया कमेटी सदस्य अनिता किस्कू उर्फ बबिता ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न थानों में कुल 12 मामले दर्ज हैं। आत्मसमर्पण के बाद उसे राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

2009 से माओवादी संगठन में थी सक्रिय
सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि अनिता किस्कू वर्ष 2009 में माओवादी संगठन से जुड़ी थी। वह पारसनाथ जोन, लुगू पहाड़ी, झुमरा पहाड़ी और कोल्हान क्षेत्र में सक्रिय रही। पुलिस के अनुसार संगठन में रहते हुए वह हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटकों को छिपाने, लेवी वसूली और अन्य गतिविधियों में शामिल रही। पुलिस के मुताबिक अनिता किस्कू के खिलाफ यूएपीए, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और सीएलए एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में 12 मामले दर्ज हैं। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं।

इन कारणों से लिया आत्मसमर्पण का फैसला
एसपी डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि संगठन के भीतर कथित शोषण, पुलिस की लगातार कार्रवाई और उसके पति अजय महतो की गिरफ्तारी के बाद अनिता का संगठन से मोहभंग हो गया। इसके बाद उसने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। झारखंड सरकार की "नई दिशा-एक नई पहल" आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत अनिता किस्कू को 3 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसमें से 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता प्रदान कर दी गई है, जबकि शेष राशि नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा सरकार उसकी सुरक्षा, आवास, भोजन, पुनर्वास और न्यायालय में लंबित मामलों से संबंधित निर्धारित सहायता भी उपलब्ध कराएगी।

अन्य नक्सलियों से भी की मुख्यधारा में लौटने की अपील
आत्मसमर्पण के बाद अनिता किस्कू ने अन्य माओवादी सदस्यों से भी हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की। उसने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सम्मानजनक जीवन जिया जा सकता है और हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। गिरिडीह पुलिस का कहना है कि अनिता किस्कू के आत्मसमर्पण से नक्सल विरोधी अभियान को और मजबूती मिलेगी। पुलिस को उम्मीद है कि इससे जंगलों में सक्रिय अन्य उग्रवादी भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित होंगे।








WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !