Ranchi News: रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र में पुलिस और उत्पाद विभाग ने मिलकर अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है. हेसई सेसई गांव में चल रही एक मिनी नकली शराब फैक्ट्री पर शुक्रवार को विभाग की टीम ने अचानक धावा बोल दिया. गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में स्प्रिट, रसायनों का मिश्रण, विभिन्न ब्रांडों के नकली लेबल, खाली बोतलें और ढक्कन बरामद किए गए हैं.
छापेमारी से पहले ही सरगना रफूचक्कर
उत्पाद विभाग की टीम ने जैसे ही गांव में दस्तक दी, मुख्य आरोपी को भनक लग गई और वह मौके से फरार होने में सफल रहा. फिलहाल पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है. विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए अब उस मकान मालिक पर भी कानूनी शिकंजा कसने का फैसला किया है, जिसके घर में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा था. अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से इस इलाके में मिलावटी शराब की बिक्री की खबरें आ रही थीं, जिसके बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.
चुनाव में खपाने की थी बड़ी साजिश
जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़ी गई सामग्री की खेप इतनी बड़ी थी कि इसे आगामी निकाय चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच बांटने या बाजार में खपाने की तैयारी थी. जब्त किए गए स्प्रिट और जहरीले रसायनों से नामी ब्रांडों के नाम पर नकली शराब तैयार कर उसे असली बताकर बेचा जा रहा था. उत्पाद विभाग ने फिलहाल सारा सामान जब्त कर लिया है और फरार अभियुक्त की पहचान स्थापित कर ली गई है.
झारखंड में चुनाव से ठीक पहले इस तरह की फैक्ट्री का मिलना प्रशासन की सतर्कता को दर्शाता है, लेकिन यह सवाल भी खड़ा करता है कि घनी आबादी वाले गांव में इतने बड़े पैमाने पर स्प्रिट और बोतलें कैसे पहुंच गईं. नकली शराब न केवल राजस्व का नुकसान है, बल्कि यह क्षेत्र में किसी बड़ी मानवीय त्रासदी का कारण भी बन सकती थी. मकान मालिक पर कार्रवाई का निर्णय उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो चंद रुपयों के लालच में अवैध गतिविधियों के लिए अपनी संपत्ति किराए पर देते हैं.