Adityapur News: आदित्यपुर सैंडिकेट कॉलोनी के रहने वाले विवेक कुमार ने अपनी कला के जरिए भक्ति और समर्पण की अनोखी मिसाल पेश की है. करीब दो महीने की कड़ी मेहनत के बाद विवेक ने पांच रंगों के 1 लाख 51 हजार मोतियों से प्रेमानंद महाराज का चित्र तैयार किया. इस खास चित्र को लेकर वह 20 तारीख की रात वृंदावन पहुंचे, जहां उनकी साधना और मेहनत को एक विशेष क्षण मिला.
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज ने लगाया आखिरी मोती
वृंदावन पहुंचने के बाद विवेक कुमार ने प्रेमानंद महाराज से आग्रह किया कि वह स्वयं इस चित्र पर आखिरी मोती लगाएं. महाराज ने विवेक के आग्रह को स्वीकार किया और चित्र पर अंतिम मोती लगाया. इस पल ने विवेक की मेहनत और आस्था को एक नई पहचान दी और उनके लिए यह अनुभव हमेशा यादगार बन गया.
पहले भी कर चुके हैं बड़े स्तर पर कलाकृतियां
यह पहली बार नहीं है जब विवेक कुमार ने अपनी कला से सबका ध्यान खींचा हो. इससे पहले वह जमशेदपुर के जुबली पार्क में रंगोली के जरिए रतन टाटा का विशाल चित्र उकेर चुके हैं. इसके अलावा बिड़ला मंदिर जमशेदपुर में उन्होंने रंगोली से प्रभु राम का विश्व का सबसे बड़ा चित्र बनाया था. इस उपलब्धि के लिए उनका नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया है.
कला और आस्था का अनोखा संगम
विवेक कुमार की कलाकृतियां सिर्फ कला नहीं बल्कि आस्था और धैर्य का प्रतीक मानी जाती हैं. मोतियों और रंगोली जैसे माध्यमों से बड़ी और जटिल आकृतियां गढ़ना उनकी पहचान बन चुकी है, जो उन्हें देशभर में अलग स्थान दिला रही है.
एक स्थानीय कलाकार की मेहनत और आस्था है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है. विवेक कुमार की यात्रा यह दिखाती है कि निरंतर अभ्यास और समर्पण से कला को नई ऊंचाई तक पहुंचाया जा सकता है.