प्रेस वार्ता में समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर, रामरेखा सिंह, रामाकांत सिंह, रामबाबू तिवारी, बिपिन झा, रामस्वरूप सिंह, प्रेम झा, प्रताप यादव सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
समिति के रामबाबू तिवारी ने बताया कि 9 दिवसीय इस महायज्ञ के संरक्षक गुरुदेव परमश्रद्धेय श्री श्री 108 जय मंगला बाबा हैं, जिनके सानिध्य में पूरा धार्मिक आयोजन संपन्न होगा। महायज्ञ का शुभारंभ 23 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा के साथ किया जाएगा। यह कलश यात्रा ओल्ड केबुल टाउन स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर (बिरला मंदिर) से प्रारंभ होकर यज्ञ स्थल तक निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, विशेष रूप से महिलाएं शामिल होंगी।
उन्होंने बताया कि 23 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रतिदिन अपराह्न 3 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। वहीं 1 मई को मुख्य यज्ञ, पूर्णाहुति, रामार्चा पूजा तथा महाप्रसाद वितरण का कार्यक्रम आयोजित होगा। रामार्चा पूजा सुबह 9 बजे से प्रारंभ होगी।
समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर ने बताया कि यज्ञ स्थल पर लक्ष्मी-नारायण भगवान की भव्य प्रतिमा के साथ 30×30 फुट का विशाल यज्ञशाला बनाया जा रहा है, जो पांच तल्लों के स्वरूप में तैयार होगा। अनुष्ठान संपन्न कराने के लिए बनारस से प्रसिद्ध यज्ञाचार्य पंडित लाल मोहन शास्त्री अपने 21 सदस्यीय यज्ञाचार्य दल के साथ जमशेदपुर आएंगे। यज्ञशाला परिसर को विशेष रूप से सजाया जाएगा, जहां 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। यज्ञशाला के निर्माण कार्य के लिए कारीगर बिहार के वैशाली से बुलाए गए हैं।
समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ के दौरान पूरे 9 दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त महाप्रसाद ग्रहण करेंगे। आयोजन को सफल बनाने के लिए समाजसेवी अनिल ठाकुर के नेतृत्व में समिति का गठन किया गया है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
प्रेस वार्ता के माध्यम से लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति ने शहर के सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से इस पावन आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने और सहयोग करने की अपील की है।