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  • 2026-08-11

MGM Junior Doctors Case: MGM के डॉक्टरों की संदिग्ध मौत मामले में SSP कार्यालय पहुंचे परिजन बोले:- जेब में ही था सक्षम का फोन, फिर पानी में गिरने की झूठी कहानी क्यों?, देखें VIDEO

MGM Junior Doctors Case: जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर डॉ. सक्षम सिंह और डॉ. समीर कुमार की 24 जुलाई को डिमना लेक में हुई संदिग्ध मौत के मामले में मंगलवार को नया मोड़ सामने आया. दोनों डॉक्टरों के परिजनों ने जमशेदपुर एसएसपी कार्यालय पहुंचकर एसएसपी से मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.

परिजनों ने मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में डॉ. यश के बयानों को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उनका कहना है कि घटना को लेकर डॉ. यश की ओर से अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, जिससे परिवार का संदेह और गहरा रहा है.

मोबाइल पानी में गिरने की कहानी पर परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों के मुताबिक, डॉ. यश के पिता ने मीडिया में दावा किया था कि डॉ. सक्षम का मोबाइल डिमना लेक में गिर गया था. इसके बाद मोबाइल निकालने के दौरान सक्षम पानी में चले गए और उन्हें बचाने की कोशिश में डॉ. समीर भी डूब गए.
हालांकि, परिजनों का कहना है कि जब दोनों डॉक्टरों के शव बरामद किए गए, तब उनके जेब से मोबाइल फोन मिले थे. ऐसे में परिवार का सवाल है कि अगर मोबाइल पानी में गिर गया था, तो वह शव के साथ कैसे मिला. परिजनों ने पुलिस से इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच करने की मांग की है.

रात करीब दो बजे समीर ने एक सहयोगी डॉक्टर को किया था फोन 
परिजनों ने एक और महत्वपूर्ण बात सामने रखी है. उनका दावा है कि घटना की रात करीब दो बजे डॉक्टर समीर ने अपनी एक सहयोगी दिव्या को फोन किया था. परिजनों के अनुसार, फोन पर यह कहा गया था कि डॉ. यश उन्हें डिमना लेक लेकर आए हैं और वहां कुछ ठीक नहीं लग रहा है. परिवार का कहना है कि इस कॉल की भी जांच होनी चाहिए और पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि उस समय वास्तव में क्या बातचीत हुई थी.

परिजनों ने वाहन की जांच नहीं होने पर भी उठाया सवाल
परिजनों ने आरोप लगाया कि दोनों डॉक्टर जिस वाहन से डिमना लेक पहुंचे थे, उसकी भी पर्याप्त जांच नहीं की गई. उनका कहना है कि पुलिस ने अब तक उस वाहन की जांच तक नहीं की, जबकि घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए यह महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है. परिवार का कहना है कि घटना से जुड़े सभी संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित कर उनकी वैज्ञानिक तरीके से जांच की जानी चाहिए.

पहले से हत्या की आशंका जता चुके हैं दोनों परिवार
इस मामले में दोनों डॉक्टरों के परिजन पहले ही हत्या की आशंका जता चुके हैं. डॉ. सक्षम सिंह के पिता सत्येंद्र कुमार सिंह ने बोड़ाम थाना में लिखित शिकायत देकर डॉ. यश और अन्य सहयोगियों पर साजिश के तहत हत्या करने का आरोप लगाया था. वहीं डॉ. समीर कुमार के पिता अजय कुमार लाल ने भी पुलिस में शिकायत देकर डॉ. यश और अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले समीर और यश के बीच विवाद भी हुआ था.

अब पुलिस की जांच पर टिकी नजर
मंगलवार को एसएसपी से मुलाकात के बाद दोनों परिवारों ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग दोहराई है. परिजनों का कहना है कि वे अपने बच्चों की मौत की सच्चाई जानना चाहते हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.  फिलहाल पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल डिमना लेक तक दोनों डॉक्टरों के पहुंचने, वहां उनके साथ मौजूद लोगों, मोबाइल फोन, वाहन और घटना से पहले हुई बातचीत से जुड़े तथ्यों को जोड़ना है. अब देखना होगा कि पुलिस इन नए सवालों और परिजनों की शिकायतों के आधार पर जांच को किस दिशा में आगे बढ़ाती है.


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