Saraikela: सरायकेला-खरसावां जिले में आयुष चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक का सहारा लिया जा रहा है। जिला आयुष समिति के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने गीत, संगीत और अभिनय के माध्यम से आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा, सिद्ध और योग जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के महत्व को सरल ढंग से लोगों के सामने प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में उत्साह के साथ भाग लिया और कलाकारों के संदेश को ध्यान से सुना।
स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश
नाटक के माध्यम से लोगों को बताया गया कि संतुलित भोजन, नियमित योग और व्यायाम स्वस्थ जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं। कलाकारों ने यह भी समझाया कि बदलती जीवनशैली और अनियमित खान-पान के कारण कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं, जबकि प्रकृति और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में कई रोगों के समाधान मौजूद हैं।
आयुष योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला आयुष विभाग, सरायकेला-खरसावां द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी गई। इनमें वयोमित्र योजना, करुणा योजना, आयुष ग्राम कैंप, औषधीय पौधा वितरण योजना, गैर-संचारी रोगों की जांच और प्रकृति परीक्षण जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। विभाग के अधिकारियों ने लोगों से इन योजनाओं का लाभ उठाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।